Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
हाज़िर जवाब पर आपका स्वागत है!
0 जैसा 0 नापसंद
11 बार देखा गया
पूर्व (25.9k अंक) द्वारा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूछा गया
01  जिस आसन पर आप अनुष्ठान, पूजा या साधना करते है उसे कभी पैर से नहीं सरकाना चाहिए, कुछ लोगो कि आदत होती है कि आसन पर बैठने के पहले खड़े खड़े ही आसन को पैर से सरका कर अपने बैठने के लिए व्यवस्थित करते है, ऐसा करने से आसन दोष लगता है और उस आसन पर कि जाने वाली साधनाये सफल नहीं होती है,अतः आसन को केवल हाथो से ही बिछाये।

02  अपनी जप माला को कभी खुटी या कील पर न टांगे, इससे माला कि सिद्धि समाप्त हो जाती है, जप के पश्चात् या तो माला को किसी डिब्बी में रखे,गौ मुखी में रखे या किसी वस्त्र आदि में भी लपेट कर रखी जा सकती है, जिस माला पर आप जाप कर रहे है उस पर किसी अन्य कि दृष्टि या स्पर्श न हो इसलिए उसे साधना के बाद वस्त्र में लपेट कर रखे, इससे वो दोष मुक्त रहेगी, साथ ही कुछ लोगो कि आदत होती है जिस माला से जप करते है उसे ही दिन भर गले में धारण करके भी रहते है, जब तक किसी साधना में धारण करने का आदेश न हो जप माला को कभी धारण ना करे।

03  साधना के मध्य जम्हाई आना,छिक आना,गैस के कारन वायु दोष होना,इन सभी से दोष लगता है, और जाप का पुण्य क्षीण होता है। इस दोष से मुक्ति हेतु आप जप करते समय किसी ताम्र पात्र में थोडा जल तथा कुछ तुलसी पत्र डालकर रखे, जब भी आपको जम्हाई या छीक आये या वायु प्रवाह कि समस्या हो,तो इसके तुरंत बाद पात्र में रखे जल को मस्तक तथा दोनों नेत्रो से लगाये इससे ये दोष समाप्त हो जाता है साथ ही साधको को नित्य सूर्य दर्शन कर साधना में उत्पन्न हुए दोषो कि निवृति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। इससे भी दोष समाप्त हो जाते है, साथ ही यदि साधना काल में हल्का भोजन लिया जाये तो इस प्रकार कि समस्या कम ही उत्पन्न होती है।

04 ज्यादातर देखा जाता है कि कुछ लोग बैठे बैठे बिना कारन पैर हिलाते रहते है या एक पैर के पंजे से दूसरे पैर के पंजे या पैर को आपस में अकारण रगड़ते रहते है ऐसा करने से साधको को सदा बचना चाहिए, क्युकी जप के समय आपकी ऊर्जा मूलाधार से सहस्त्रार कि और बढ़ती है परन्तु सतत पैर हिलाने या आपस में रगड़ने से वो ऊर्जा मूलाधार पर पुनः गिरने लगती है क्युकी आप देह के निचले हिस्से में मर्दन कर रहे है और ऊर्जा का सिद्धांत है जहा अधिक ध्यान दिया जाये ऊर्जा वहाँ जाकर स्थिर हो जाती है इसलिए ही तो कहा जाता है कि जप करते समय आज्ञा चक्र या मणिपुर चक्र पर ध्यान लगाना चाहिए। अतः अपने इस दोष को सुधारे।

05  साधना काल में अकारण क्रोध करने से बचे,साथ ही यथा सम्भव मौन धारण करे और क्रोध में अधिक ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने से बचे इससे संचित ऊर्जा का नाश होता है और सफलता शंका के घेरे में आ जाती है।

06  साधक जितना भोजन खा सकते है उतना ही थाली में ले यदि आपकी आदत है अन्न जूठा फेकने कि है तो इस आदत में सुधार करे क्युकी अन्नपूर्णा शक्ति तत्त्व है, अन्न जूठा फेकने वालो से शक्ति तत्त्व सदा रुष्ट रहता है और शक्ति तत्त्व कि जिसके जीवन में कमी हो जाये वो साधना में सफल हो ही न नहीं सकता है क्युकी शक्ति ही सफलता का आधार है।

07  हाथ पैर कि हड्डियों को बार बार चटकाने से बचे ऐसा करने वाले व्यक्ति अधिक मात्रा में जाप नहीं कर पाते है क्युकी, उनकी उंगलिया माला के भार को अधिक समय तक सहन करने में सक्षम नहीं होती है और थोड़े जाप के बाद ही उंगलिओ में दर्द आरम्भ हो जाता है साथ ही पुराणो के अनुसार बार बार हड्डियों को चटकाने वाला  रोगी तथा दरिद्री होता है अतः ऐसा करने से बचे ।

08  मल त्याग करते समय बोलने से बचे,आज के समय में लोग मल त्याग करते समय भी बोलते है, गाने गुन गुनाते है, गुटखा खाते है, या मोबाइल से बाते करते है आपकी आदत ऐसी है तो ये सब करने से बचे क्युकी ऐसा करने से जिव्हा संस्कार समाप्त हो जाता है और ऐसी जिव्हा से जपे गए मंत्र कभी सफल नहीं होते है। आयुर्वेद तथा स्वास्थ्य कि दृष्टि से भी ऐसा करना ठीक नहीं है
अतः ऐसा ना करे।

09  यदि आप कोई ऐसी साधना कर रहे है, जिसमे त्राटक करने का नियम है तो आप नित्य बादाम के तैल कि मालिश अपने सर में करे और नाक के दोनों नथुनो में एक एक बूंद बादाम का तेल डाले। इससे सर में गर्मी उत्पन्न नहीं होगी और नेत्रो पर पड़े अतिरक्त भार कि थकान भी समाप्त हो जायेगी। साथ ही आवला या त्रिफला चूर्ण का सेवन भी नित्य करे तो सोने पर सुहागा।

10  जप करते समय अपने गुप्तांगो को स्पर्श करने से बचे साथ ही माला को भूमि से स्पर्श न होने दे , यदि आप ऐसा करते है तो जाप कि तथा माला कि ऊर्जा भूमि में समा जाती है ।

11  जब जाप समाप्त हो जाये तो आसन से उठने के पहले आसन के निचे थोडा जल डाले और इस जल को मस्तक तथा दोनों नेत्रो पर अवश्य लगाये। ऐसा करने से आपके जप का सफल होता है।
नैवेद्य चढ़ाए जाने के नियम क्या है?

1- पीतल की थाली या केले के पत्ते पर ही नैवेद्य परोसा जाए।

2- नैवेद्य में नमक की जगह मिष्ठान्न रखे जाते हैं।

3- प्रत्येक पकवान पर तुलसी का एक पत्ता रखा जाता है।

4- नैवेद्य की थाली तुरंत भगवान के आगे से हटाना नहीं चाहिए।

5- नैवेद्य देवता के दक्षिण भाग में रखना चाहिए।

6- कुछ ग्रंथों का मत है कि पक्का नैवेद्य देवता के बाईं तरफ तथा कच्चा दाहिनी तरफ रखना चाहिए।

7- भोग लगाने के लिए भोजन एवं जल पहले अग्नि के समक्ष रखें। फिर देवों का आह्वान करने के लिए जल छिड़कें।

8- तैयार सभी व्यंजनों से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा अग्निदेव को मंत्रोच्चार के साथ स्मरण कर समर्पित करें। अंत में देव आचमन के लिए मंत्रोच्चार से पुन: जल छिड़कें और हाथ जोड़कर नमन करें।

9- भोजन के अंत में भोग का यह अंश गाय, कुत्ते और कौए को दिया जाना चाहिए।

10- नमक, मिर्च और तेल,प्याज,लहसुन का प्रयोग नैवेद्य में नहीं किया जाता है।

11- दैनिक पूजा में नैवेद्यम के विकल्प के रूप में दूध, मिश्री, नारियल, गुड़, खीर, भोजन, मिठाई ताजे फल सूखे मेवे का उपयोग किया जा सकता है। यहां तक कि प्रसंस्कृत चीनी को भी साधारण पूजा के लिए नैवेद्यम माना जाता है।

भगवान को भोजन (नैवेद्यम) अर्पित करने के बाद - हम मंत्र का जाप करते हैं

"देव देव नमस्तुब्यम, प्रसादम कुरु केशव,
अवलोकन दानेन बोयं पलच्युतः"

यानी "कृपया इस नैवेद्यम को हम सभी के लिए प्रसाद के रूप में पेश करें।" यह नैवेद्य तब हम सभी के स्वाद के लिए प्रसाद बन जाता है।

आपका उत्तर

अपना नाम प्रदर्शित करने के लिए (विकल्प):
गोपनीयता: आपका ईमेल पता सूचनाएं थीसिस भेजने के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा.
स्पैम विरोधी सत्यापन:
भविष्य में इस सत्यापन बचने के लिए, कृपया लॉग इन या रजिस्टर करें.
0

संबंधित प्रश्न

0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 30 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 40 बार देखा गया
2 सप्ताह पूर्व shivam gupta (25.9k अंक) द्वारा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूछा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 15 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 39 बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 331 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 200 बार देखा गया
2 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 747 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 527 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 90 बार देखा गया
अगस्त 15, 2022 Sujit1529 (41 अंक) द्वारा में धर्म और संप्रदाय पूछा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 79 बार देखा गया
मार्च 2, 2022 Mukesh Swami (4.2k अंक) द्वारा में प्रश्नोत्तरी पूछा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 82 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 66 बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 95 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 95 बार देखा गया
2 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 125 बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 170 बार देखा गया
जुलाई 2, 2019 Deepak bairwa (4.4k अंक) द्वारा में भौतिकी पूछा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 310 बार देखा गया
2 जैसा 0 नापसंद
4 उत्तर 2.1k बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 513 बार देखा गया
फ़रवरी 1, 2018 प्रदीप परमार द्वारा में सॉफ्टवेयर पूछा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 3.8k बार देखा गया
सितम्बर 19, 2016 ashutosh sharma (7.6k अंक) द्वारा में आविष्कार पूछा गया
2 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 84 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 66 बार देखा गया
2 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 83 बार देखा गया
2 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 86 बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 75 बार देखा गया
मार्च 11, 2022 shivam gupta (25.9k अंक) द्वारा में प्रश्नोत्तरी पूछा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 139 बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
4 उत्तर 17.9k बार देखा गया
सितम्बर 6, 2016 mahesh.joshi187 (1.1k अंक) द्वारा में आविष्कार पूछा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 26 बार देखा गया
2 सप्ताह पूर्व shivam gupta (25.9k अंक) द्वारा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूछा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 194 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 73 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 63 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 88 बार देखा गया
दिसम्बर 31, 2022 Neeraj Ojha (2.2k अंक) द्वारा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूछा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 61 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 63 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 99 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 52 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 58 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
0 उत्तर 48 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 214 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 119 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 119 बार देखा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 112 बार देखा गया
फ़रवरी 9, 2021 rakesh (4.5k अंक) द्वारा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूछा गया
1 पसंद 0 नापसंद
1 उत्तर 380 बार देखा गया
0 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 96 बार देखा गया
3 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 77 बार देखा गया
3 जैसा 0 नापसंद
1 उत्तर 62 बार देखा गया

नये प्रश्न

साधना, ध्यान, मन्त्र जप आदि के नियम
हाज़िर जवाब, विश्व की प्रथम हिन्दी प्रश्न उत्तर वेबसाइट पर आपका स्वागत है, जहां आप समुदाय के अन्य सदस्यों से हिंदी में प्रश्न पूछ सकते हैं और हिंदी में उत्तर प्राप्त कर सकते हैं |
प्रश्न पूछने या उत्तर देने के लिये आपको हिंदी मे टाइप करने की जरुरत नहीं हैं, आप हिंग्लिश (HINGLIS) मे भी टाइप कर सकते है!

डाउनलोड हाज़िर जवाब एंड्राइड ऍप

9.2k प्रश्न

12.6k उत्तर

3.5k उपयोगकर्ता



Website and app development

Website and app development


...